मैं समझा के वो समझते होंगे
जो इस दिल में है, वही उस दिल में भी
दिले अरमाँ उनके भी यूं भडकते होंगे ...
ये आग इक तरफा नहीं है
दिल है दोनों के जो बराबर दहकते होंगे
अक्सर मुझे नींद आती नहीं
रातों को जगकर शायद वो भी तड़पते होंगे ...
मैं समझा के वो समझते होंगे ... ॥
जब लेती होगी मेरा नाम दिल से
महकी सी हवा चलती होगी, ये बादल भी बरसते होंगे
मिलने को तनहाई में मुझसे
शायद यूं ही .. वो भी तरसते होंगे ...
मैं समझा के वो समझते होंगे ...॥
मैं समझा ............
मगर ...
मगर हकीकत तो यूं नहीं थी
मैं यूँ ही समझा के वो समझते होंगे
ये सब तो इक अफसाना था
वो तो बस मैं था जो दीवाना था
... बस मैं था ...
जो दीवाना था ... ॥
मगर तसल्ली रही के इक मैं ही दीवाना नहीं
आशिक और भी हैं जो तनहा भटकते होंगे
यार से मिलने की चाह में
बारहा उसकी गली से गुजरते होंगे .... ॥
मैं समझा ................ ॥
जो इस दिल में है, वही उस दिल में भी
दिले अरमाँ उनके भी यूं भडकते होंगे ...
ये आग इक तरफा नहीं है
दिल है दोनों के जो बराबर दहकते होंगे
अक्सर मुझे नींद आती नहीं
रातों को जगकर शायद वो भी तड़पते होंगे ...
मैं समझा के वो समझते होंगे ... ॥
जब लेती होगी मेरा नाम दिल से
महकी सी हवा चलती होगी, ये बादल भी बरसते होंगे
मिलने को तनहाई में मुझसे
शायद यूं ही .. वो भी तरसते होंगे ...
मैं समझा के वो समझते होंगे ...॥
मैं समझा ............
मगर ...
मगर हकीकत तो यूं नहीं थी
मैं यूँ ही समझा के वो समझते होंगे
ये सब तो इक अफसाना था
वो तो बस मैं था जो दीवाना था
... बस मैं था ...
जो दीवाना था ... ॥
मगर तसल्ली रही के इक मैं ही दीवाना नहीं
आशिक और भी हैं जो तनहा भटकते होंगे
यार से मिलने की चाह में
बारहा उसकी गली से गुजरते होंगे .... ॥
मैं समझा ................ ॥
" अतुल "


5 comments:
Hi very well written !!!
excellent Work Dude...
Thanks Hitesh ji :)
aapki shayari hamesha dil ke kareeb hai
Thanks Lovely :)
hEY ATUL KYA LIKHATE HO MERE BHAI,....BEST OF LUCK
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